मध्य प्रदेश की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार के पहले बड़े मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की तैयारियां तेज हो गई हैं। संकेत मिल रहे हैं कि विधानसभा के मानसून सत्र के बाद कैबिनेट का नया स्वरूप सामने आ सकता है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार युवाओं और नए चेहरों को मौका देने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं अनुभवी नेताओं का संतुलन भी बनाए रखा जाएगा। चर्चा है कि वर्तमान मंत्रिमंडल से 5 से 6 मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि 7 से 8 नए विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है।
राजनीतिक गलियारों में सांसद से विधायक बनीं रीति पाठक और वरिष्ठ महिला नेता मालिनी गौड़ के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए इनमें से किसी एक को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
इसके अलावा कई क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश भी की जाएगी, ताकि आगामी चुनावों से पहले संगठन और सरकार दोनों को मजबूती मिल सके। खबर यह भी है कि तीन वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज में नई ऊर्जा और नई दिशा देने की कोशिश होगी।
हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री, संगठन और केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से होगा। लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि मानसून सत्र के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा सियासी संदेश देने वाला मंत्रिमंडल विस्तार देखने को मिल सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मोहन सरकार किन नए चेहरों पर भरोसा जताती है और कौन से नेता नई जिम्मेदारियों के साथ सत्ता के केंद्र में पहुंचते हैं।







