महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर संसद में गुरुवार को जोरदार राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने स्पष्ट कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा और यह उनकी “गारंटी” है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक मंशा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें कोई राजनीतिक लाभ नहीं चाहिए, बल्कि वे “क्रेडिट का ब्लैंक चेक” विपक्ष को देने को तैयार हैं।
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि अगर सभी दल साथ आते हैं तो इसका श्रेय सभी को मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार देना किसी एहसान की बात नहीं, बल्कि दशकों से हुए अन्याय का “प्रायश्चित” है।
अमित शाह का दक्षिण राज्यों पर बयान, प्रियंका गांधी का तीखा हमला
गृहमंत्री Amit Shah ने विपक्ष के उस नैरेटिव को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि नए विधेयकों के बाद दक्षिण भारत की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी। उन्होंने आंकड़ों के साथ दावा किया कि वर्तमान में 543 में से 129 सीटें दक्षिण राज्यों की हैं, जो परिसीमन के बाद बढ़कर 195 हो जाएंगी। खास तौर पर Tamil Nadu की सीटें 39 से बढ़कर 59 होने की बात कही गई।
वहीं कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब “बहकावे में आने वाले पुरुषों को पहचानने लगी हैं” और सरकार को सावधान रहना चाहिए।
संसद में इस मुद्दे पर बहस के दौरान सियासी माहौल गरम रहा। जहां सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने के संकेत हैं।







