इंदौर के गांधी नगर इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां 18 वर्षीय छात्रा ने 12वीं के परीक्षा परिणाम से निराश होकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, छात्रा खुशी मौर्य ने गुरुवार को अपने घर में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन तुरंत उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि एक दिन पहले ही 12वीं का रिजल्ट आया था, जिसमें खुशी तीन विषयों में फेल हो गई थी। इस बात से वह काफी परेशान और मानसिक तनाव में थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले एक दिन से गहरे अवसाद में थी और किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रही थी।
गांधी नगर पुलिस के अनुसार, खुशी अपने परिवार के साथ इलाके में रहती थी और पास के एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। उसके पिता स्क्रैप का काम करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। घर में खुशी के अलावा उसका एक छोटा भाई भी है।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परीक्षा में असफलता के कारण छात्रा मानसिक दबाव में थी, जिसने उसे यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि परीक्षा के परिणाम जीवन का अंत नहीं होते, बल्कि एक नई शुरुआत का अवसर भी हो सकते हैं। समाज और परिवार को ऐसे समय में बच्चों का सहारा बनना बेहद जरूरी है।







