महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर लोकसभा में जोरदार बहस जारी है। सत्ता पक्ष जहां इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इन विधेयकों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस ने इसे संविधान का “हाइजैक” करार दिया, जबकि डीएमके ने इसे “सैंडविच बिल” बताते हुए इसके प्रावधानों पर सवाल उठाए।
बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण देने की मांग रखी। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी चाहे तो अपने सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकती है, इसमें किसी को आपत्ति नहीं होगी।
3 अहम बिलों पर चर्चा को मिली मंजूरी, लोकसभा सीटें 850 करने का प्रस्ताव
सदन में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा को लेकर मतदान कराया गया। इसमें पक्ष में 251 और विपक्ष में 185 वोट पड़े, जिससे चर्चा का रास्ता साफ हो गया।
इन बिलों पर 16 और 17 अप्रैल को कुल 15 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है, जबकि अंतिम मतदान 17 अप्रैल शाम 4 बजे प्रस्तावित है। संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी।
साथ ही, प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए नए सिरे से परिसीमन प्रक्रिया भी लागू की जाएगी, जिससे देश की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव संभव है।







