मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान, इजराइल तथा अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासतौर पर पर्यटन उद्योग इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में लोगों ने अपने इंटरनेशनल ट्रैवल प्लान रद्द कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, राज्य के 5 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने यूएई जाने के अपने टूर कैंसल कर दिए हैं।
युद्ध जैसे हालात और असुरक्षा की भावना के चलते लोग विदेश यात्रा से बच रहे हैं। इसका सीधा असर ट्रैवल एजेंसियों के कारोबार पर पड़ा है, जहां पैकेज बुकिंग में करीब 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
पर्यटकों का रुझान अब तेजी से इंटरनेशनल से डोमेस्टिक टूरिज्म की ओर शिफ्ट हो रहा है। लगभग 55 से 60 प्रतिशत लोगों ने अपने विदेश दौरे को भारत के भीतर घूमने के प्लान में बदल दिया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों के लोग इसमें शामिल हैं।
डोमेस्टिक टूरिज्म में इस समय काजीरंगा नेशनल पार्क सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनकर उभरा है, जबकि मध्य प्रदेश के भीतर सतपुड़ा क्षेत्र पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है।
ट्रैवल एजेंट्स के अनुसार, मई और जून के महीने समर वेकेशन के कारण पर्यटन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। आमतौर पर लोग दो से तीन महीने पहले ही अपनी यात्रा की योजना बना लेते हैं, लेकिन इस बार युद्ध की स्थिति ने इन योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। पर्यटन उद्योग अब हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहा है, ताकि यात्राएं फिर से रफ्तार पकड़ सकें।







