मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। Donald Trump द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम को Iran ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर Strait of Hormuz को जल्द नहीं खोला गया, तो ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया जा सकता है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी सेना ने अमेरिका के रुख को “घबराहट और बेबसी” का संकेत बताया। ईरान का कहना है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।
“धमकियों से नहीं डरेंगे” – ईरान की कड़ी चेतावनी, बढ़ा वैश्विक तनाव
ईरान के केंद्रीय सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया के वरिष्ठ अधिकारी Ali Abdollahi Aliabadi ने अमेरिकी बयान को “मूर्खतापूर्ण” करार देते हुए साफ कहा कि इस तरह की चेतावनियों का जवाब कड़ा ही होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर अमेरिका ने कोई आक्रामक कदम उठाया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह की धमकियों का मतलब है कि “नरक के दरवाजे दोनों पक्षों के लिए खुल सकते हैं।” इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द काबू में नहीं आए, तो यह टकराव बड़े सैन्य संघर्ष का रूप ले सकता है, जिससे पूरी दुनिया पर असर पड़ना तय है।







