इंदौर में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब दुष्कर्म मामले में सजा काट चुके विवादित संत आसाराम बापू अचानक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंच गए। उनकी यह एंट्री पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी, लेकिन कुछ ही देर में अस्पताल परिसर में हलचल तेज हो गई। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे उनके 10-15 करीबी अनुयायी पहले ही साइड गेट से अस्पताल में दाखिल हो गए और स्टाफ से संपर्क कर व्यवस्थाएं शुरू कर दीं।
करीब एक घंटे बाद ग्रे रंग की कार से आसाराम अस्पताल पहुंचे। पहले उनके अनुयायी उतरे और फिर उन्हें नीचे उतारा गया। व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई, लेकिन उन्होंने बैठने से इनकार कर दिया और रेलिंग का सहारा लेकर धीरे-धीरे अंदर पहुंचे। इस दौरान पूरे अस्पताल परिसर को लगभग सील कर दिया गया। आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई और हर गेट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
अस्पताल में आसाराम का विस्तृत चेकअप और जरूरी मेडिकल जांचें की गईं। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते यहां लाया गया था और केवल डॉक्टरों व इमरजेंसी स्टाफ को ही उनके पास जाने की अनुमति दी गई।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी उन्हें दिल की तकलीफ के कारण ICU में भर्ती करना पड़ा था, जहां उनकी हालत नाजुक बनी रही थी। हालिया मेडिकल रिपोर्ट में ट्रोपोनिन लेवल 2465.59 pg/ml तक पहुंचना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतना अधिक ट्रोपोनिन स्तर दिल की मांसपेशियों को नुकसान और संभावित हार्ट अटैक का संकेत देता है।
फिलहाल आसाराम इंदौर में ही रुके हुए बताए जा रहे हैं, जबकि खंडवा रोड स्थित उनके आश्रम में धार्मिक कार्यक्रम की तैयारियां भी जारी हैं। उनकी अचानक और गोपनीय अस्पताल एंट्री ने एक बार फिर उनकी सेहत और गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।







