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मंडप से उठा ले गई पुलिस… और दुल्हन पहुंच गई थाने “दो घंटे के लिए छोड़ दो… नहीं तो कस्टडी में ही फेरे करा दो!

भोपाल में प्यार, अपराध और हकीकत का ऐसा टकराव देखने को मिला कि पूरा थाना ही जैसे एक अजीब नाटक का मंच बन गया। हाथों में मेहंदी, चेहरे पर हल्दी और गले में वरमाला पहने एक दुल्हन सीधे थाने पहुंच गई। मांग बस इतनी थी “मेरे दूल्हे को दो घंटे के लिए छोड़ दो… शादी कर लेंगे।” और अगर ये भी मंजूर नहीं, तो “कस्टडी में ही फेरे करा दो!” गुरुवार को कोहेफिजा थाने में खड़ी सीमा की यह गुहार सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए। सामने दुल्हन खड़ी थी… लेकिन दूल्हा? वो लॉकअप में था। और वजह कोई मामूली नहीं हत्या समेत एक दर्जन से ज्यादा मामलों में आरोपी गैंगस्टर।

सीमा और आकाश उर्फ भूरा हड्डी की कहानी कोई फिल्मी स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि भोपाल की कड़वी हकीकत है। करीब छह साल से दोनों का प्रेम संबंध था। सीमा उसी मोहल्ले में रहती थी जहां आकाश का आतंक चलता था। उसे पता था कि उसका प्रेमी अपराधों की दुनिया का खिलाड़ी है। यह भी पता था कि उस पर हत्या समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। फिर भी प्यार का ऐसा अंधापन कि उसे लगा शादी के बाद सब बदल जाएगा।

आकाश ने भी बड़े-बड़े वादे किए थे अपराध छोड़ दूंगा, नया जीवन शुरू करेंगे, ईदगाह हिल्स छोड़कर कहीं दूर बस जाएंगे। लेकिन लगता है कि अपराध की दुनिया इतनी आसानी से “तौबा” नहीं करने देती। बुधवार दोपहर शादी का मंडप सजा हुआ था। ढोल-नगाड़े बज रहे थे, रिश्तेदार मौजूद थे और दूल्हा-दुल्हन फेरे लेने ही वाले थे। तभी पुलिस ने एंट्री मारी और दूल्हे को मंडप से ही उठाकर ले गई।

कारण? आकाश और उसके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने एक पुजारी का अपहरण किया था। पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये मिलने के बाद ही पुजारी को छोड़ा गया। बाकी 7 लाख रुपये पांच किस्तों में देने की डील तय हुई थी। यानी शादी के मंडप से पहले ही अपराध की डील चल रही थी।

जब दूल्हा लॉकअप में पहुंच गया तो दुल्हन सीधे थाने पहुंच गई। उसने पुलिस से बार-बार गुहार लगाई कि बस दो घंटे के लिए छोड़ दो। कोर्ट में भी वकील ने शादी के लिए समय मांगा, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। अब सवाल सिर्फ एक है क्या प्यार इतना अंधा हो सकता है कि इंसान अपराध और सच्चाई दोनों को नजरअंदाज कर दे?

और दूसरा सवाल इससे भी बड़ा जिस जिंदगी की शुरुआत ही लॉकअप से करने की जिद हो… क्या वो सच में नई जिंदगी हो सकती है, या फिर अपराध की उसी अंधेरी दुनिया की अगली कहानी? भोपाल की यह घटना सिर्फ एक अजीब खबर नहीं, बल्कि उस कड़वे सच का आईना है जहां प्यार के नाम पर लोग हकीकत से आंखें मूंद लेते हैं… और जब सच सामने आता है, तब मंडप से सीधा रास्ता थाने तक पहुंच जाता है।

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