इंदौर की सड़कों को जहर से रंगने आई मुंबई की महिला आखिरकार कानून के शिकंजे में फंस ही गई। मंगलवार रात क्राइम ब्रांच की टीम ने शहर को नशे की दलदल में धकेलने की एक और साजिश नाकाम कर दी। आरोपी महिला अपने हैंड बैग में 34.6 ग्राम एमडी ड्रग्स छिपाकर घूम रही थी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिसकी कीमत करीब 3 लाख 40 हजार रुपए बताई जा रही है।
ज्यादा पैसा कमाने की हवस में यह महिला मुंबई से इंदौर तक पहुंची थी। लेकिन शायद उसे अंदाजा नहीं था कि इंदौर क्राइम ब्रांच की नजरें अब हर उस चेहरे को पहचानने लगी हैं, जो शहर में जहर बेचने की हिम्मत करता है। सांवरिया ग्रीन्स मैरिज गार्डन के सामने रीजनल पार्क के पास जैसे ही टीम की नजर उस पर पड़ी, उसके चेहरे का रंग उड़ गया। घबराहट, लड़खड़ाती बातें और भागने की बेचैनी, सब कुछ उसकी पोल खोल रहे थे।
क्राइम ब्रांच की टीम ने जब घेराबंदी कर उसे रोका, तो पहले तो वह इधर-उधर की कहानी सुनाने लगी। लेकिन सख्ती बढ़ते ही सारा सच बाहर आ गया। महिला ने अपना नाम फातिमा मंसूरी, निवासी मुंबई (महाराष्ट्र) बताया। महिला आरक्षक द्वारा तलाशी लेने पर उसके हैंड बैग से 34.6 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने साफ कहा है कि शहर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। टीम लगातार संदिग्धों की तलाश में अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई कर रही है।
सवाल अब सिर्फ इस गिरफ्तारी का नहीं है, सवाल यह है कि आखिर कौन हैं वो लोग जो बाहर से आकर इंदौर को नशे की मंडी बनाना चाहते हैं? यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस नेटवर्क की परतें खोलने की शुरुआत है, जो युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।
इंदौर में अब साफ संदेश है, जो भी इस शहर में जहर बेचेगा, वह सीधे जेल की सलाखों के पीछे जाएगा।







