मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। फरवरी का महीना खत्म होने को है, लेकिन सर्दी जाने का नाम नहीं ले रही। नए सक्रिय सिस्टम के असर से प्रदेश में तीसरी बार ओले और बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे लोगों को एक बार फिर ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले 12 घंटों के दौरान राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। कहीं हल्की फुहारें तो कहीं तेज बौछारों ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी। सुबह का सन्नाटा अचानक बादलों की तेज गड़गड़ाहट से टूट गया और देखते ही देखते आसमान घने बादलों से ढक गया।
गुरुवार सुबह भोपाल में मौसम ने अचानक करवट ली। करीब डेढ़ घंटे तक रिमझिम और तेज बारिश का सिलसिला चलता रहा। सड़कों पर पानी भर गया, लोग छतरी और रेनकोट के सहारे नजर आए। ठंडी हवाओं ने माहौल को और सर्द बना दिया।
मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय सिस्टम के प्रभाव से अगले कुछ घंटों तक कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना बनी हुई है। दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा।
फरवरी में बार-बार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खड़ी फसलों पर ओलों और बारिश का असर पड़ सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल, आसमान में छाए बादल यह संकेत दे रहे हैं कि मौसम का यह मिजाज अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। प्रदेशवासियों को फिलहाल ठंड और बारिश दोनों के लिए तैयार रहना होगा।







