राजस्थान के भिवाड़ी में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खुशखेड़ा कारौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हो गया। धमाका इतना भीषण था कि पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में आग के गोले में तब्दील हो गई। अंदर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुए इस विस्फोट के समय फैक्ट्री में लगभग 25 मजदूर मौजूद थे। देखते ही देखते आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 8 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में रेफर किया गया है।
मृतकों की पहचान बिहार के मोतिहारी जिले के मिंटू, नितेश और सुजान के रूप में हुई है। अन्य शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। आग इतनी भयावह थी कि कई शव पूरी तरह जल चुके थे। कुछ जगहों पर केवल कंकाल बचे थे, जबकि बॉडी पार्ट्स के टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे मिले। रेस्क्यू टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद जले हुए अवशेषों को पॉलीथीन में इकट्ठा किया।
अवैध पटाखा निर्माण का खुलासा, बारूद और पैकिंग सामग्री बरामद
प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस फैक्ट्री में केमिकल निर्माण का लाइसेंस बताया जा रहा था, वहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। मौके से भारी मात्रा में बारूद, तैयार पटाखे और पैकिंग के डिब्बे बरामद किए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि बारूद में चिंगारी लगने से ही यह भीषण विस्फोट हुआ।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है। आसपास की फैक्ट्रियों को भी एहतियातन खाली कराया गया। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
अब सवाल उठ रहा है कि इंडस्ट्रियल एरिया में अवैध पटाखा निर्माण का धंधा कैसे चल रहा था? क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई? और क्या प्रशासन की निगरानी में चूक हुई? इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल भिवाड़ी की इस सुबह ने आठ परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।







