देवास जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने मात्र 48 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। यह कोई सामान्य वारदात नहीं थी—यह हत्या दोस्ती की आड़ में रची गई साजिश थी, जिसमें आरोपी ने न सिर्फ अपने मित्र की जान ली, बल्कि शक से बचने के लिए उसी घटनास्थल पर भीड़ के बीच खड़ा होकर पुलिस को गुमराह करता रहा।
1 फरवरी को ग्राम भमोरी के पास जंगल के सुनसान रास्ते पर दोपहर करीब 12:55 बजे सतीश पाटीदार (35), निवासी करनावद, का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। सिर पर धारदार व भारी हथियार से हमला कर उसकी निर्मम हत्या की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश पर एएसपी (ग्रामीण) सौम्या जैन के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
जांच में तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसी दौरान शक की सुई मृतक के करीबी दोस्त जितेन्द्र पाटीदार (35) पर जाकर टिक गई। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी ने बताया कि आपसी मतभेदों के चलते उसने सतीश की हत्या की योजना बनाई थी। वह उसे आलू का खेत दिखाने के बहाने जंगल के सुनसान रास्ते पर ले गया और मौका पाकर नुकीले लोहे के पाइप से सिर पर जोरदार वार कर दिया। सतीश की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी चालाकी से ग्रामीणों की भीड़ में शामिल होकर घटनास्थल पर मौजूद रहा, ताकि उस पर किसी को शक न हो।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इस अंधेकत्ल के खुलासे में थाना प्रभारी कमलापुर उप निरीक्षक सर्जन सिंह मीणा, चौकी प्रभारी करनावद उनि चिंतामणि चौहान, प्रधान आरक्षक अरुण आर्य, राजेंद्र शर्मा, भगवती प्रसाद खरे, सचिन कश्यप, सत्यप्रकाश मिश्रा, रायचंद झोडिया सहित थाना स्टाफ और साइबर सेल की अहम भूमिका रही।







