रांझी: विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) की छठी बटालियन में साढ़े तीन करोड़ रुपए का बड़ा घोटाला सामने आया है। यात्रा भत्तों (टीए) के फर्जी बिलों के जरिए यह घोटाला किया गया, जिसमें एएसआई सत्यम शर्मा और आरक्षक अभिषेक झारिया मुख्य आरोपी हैं। रांझी पुलिस ने सोमवार रात उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। दोनों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार, सत्यम शर्मा और अभिषेक झारिया ने जनवरी 2022 से नवंबर 2025 तक कई फर्जी टीए बिल बनाकर दोहरा भुगतान कराया। सभी बिल ब्लैक एंड वाइट कॉपी के रूप में पोर्टल पर अपलोड किए गए थे ताकि किसी को संदेह न हो। लेकिन स्टेट फाइनेंस इंटेलीजेंस सेल (एसएफआइसी) की जांच में यह पूरे घोटाले का भंडाफोड़ हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि अपलोड किए गए बिलों में न तारीख थी और न आवक-जावक क्रमांक। अभिषेक झारिया ने अकेले 5,48,220 रुपए यात्रा भत्तों और 53,208 रुपए मेडिकल बिल के जरिए पास कराए। इनके अकाउंट में कुल 60,19,830 रुपए जमा हुए।
फर्जीवाड़े में शामिल अन्य 11 जवानों के खातों में भी करोड़ों की रकम पहुंची। इनमें आरक्षक नीतेश पटेल के खाते में 30,62,816 रुपए, नीतेश धुर्वे के खाते में 28,70,539 रुपए, हवलदार देवेंद्र कुमार के खाते में 27,92,846 रुपए, आरक्षक राहुल साहू के खाते में 33,19,699 रुपए और अन्य जवानों के खातों में भी लाखों रुपये स्थानांतरित किए गए।
पुलिस ने बताया कि अब पूरे मामले की गहन जांच चल रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला विशेष सशस्त्र बल में वित्तीय अनियमितताओं की गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।







