हिमाचल प्रदेश एक बार फिर बर्फ की गिरफ्त में है। पहाड़ों पर जमी सफ़ेद चादर जितनी खूबसूरत दिख रही है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो रही है। शिमला, कुल्लू, चंबा और किन्नौर जैसे ऊंचाई वाले जिलों में हालात दिन-ब-दिन मुश्किल होते जा रहे हैं। राजधानी शिमला में रात के समय बर्फबारी थमी जरूर है, लेकिन ऊपरी इलाकों में बर्फ का सिलसिला अब भी जारी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
शहर की लगभग सभी सड़कों पर यातायात ठप है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी हों या बाजार निकलने वाले लोग—हर कोई फिसलन भरी सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर है। शिमला को निचले जिलों से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग हीरानगर के पास बंद पड़ा है। नतीजा यह कि आईएसबीटी शिमला से बसों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है और यात्री कई-कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि शिमला-चंडीगढ़ हाइवे खुला है, लेकिन वहां भी फिसलन ने खतरा बढ़ा दिया है।
ऊपरी शिमला के रोहड़ू, चौपाल, जुब्बल और कोटखाई का संपर्क लगातार दूसरे दिन भी जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने एहतियातन कई रूटों पर बस सेवाएं स्थगित कर दी हैं। कई जगह पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहन बर्फ में फंसे हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि गांवों से लेकर शहरों तक बिजली आपूर्ति बाधित है और कई इलाकों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
उधर मनाली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बर्फबारी ने जोर पकड़ लिया है। मनाली मॉल रोड पर करीब एक फुट ताजा बर्फ जम चुकी है, जिससे पर्यटन गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं। मनाली से पतलीकूहल के बीच कई पर्यटक वाहन फंसे हुए हैं। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है और फंसे लोगों को भोजन व जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक कोठी में 105 सेंटीमीटर, गोंदला में 85, केलंग में 75, कुफरी में 66 और शिमला व सांगला में 27-27 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं सोलन, धर्मपुर और कंडाघाट जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश ने ठंड को और बढ़ा दिया है। बर्फबारी के बाद पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शिमला, मनाली, कल्पा और कुकुमसेरी समेत 11 शहरों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग ने आज और कल मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है। 26 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते 26 से 28 जनवरी के बीच फिर तेज बारिश, भारी बर्फबारी और तेज हवाएं चल सकती हैं। 27 जनवरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राहत की उम्मीद बस इतनी है कि 29 जनवरी से मौसम साफ हो सकता है—लेकिन तब तक हिमाचल को ठंड और संघर्ष के इस दौर से गुजरना ही होगा।







