फरीदाबाद से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक चार साल की मासूम बच्ची की जिंदगी सिर्फ इसलिए खत्म कर दी गई, क्योंकि वह 50 तक गिनती लिखने में असफल रही। यह घटना 21 जनवरी की है, लेकिन इसका खुलासा शुक्रवार को पुलिस द्वारा किए जाने के बाद सामने आया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 31 वर्षीय कृष्णा जायसवाल के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के खेरटिया गांव का निवासी था और फरीदाबाद के सेक्टर-58 इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी और उसकी पत्नी दोनों निजी कंपनियों में काम करते थे। पत्नी रोज़ की तरह नौकरी पर गई थी, जबकि घर पर पिता के भरोसे मासूम बेटी और उसका भविष्य था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कृष्णा जायसवाल घर पर रहकर बच्चों की देखभाल करता था और बेटी को पढ़ाता था। पढ़ाई के दौरान जब बच्ची 50 तक गिनती नहीं लिख पाई, तो पिता आपा खो बैठा। गुस्से में उसने मासूम को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। मासूम की चीखें दीवारों में दब गईं और कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं।
घटना के बाद आरोपी ने इसे छिपाने की कोशिश की, लेकिन बच्ची की मौत के हालातों ने पुलिस को शक में डाल दिया। सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि उस मानसिकता को भी उजागर करता है, जहां पढ़ाई का दबाव मासूम बचपन की जान ले रहा है। एक छोटी सी गिनती, एक अधूरी कॉपी और एक बेरहम गुस्सा—और खत्म हो गई एक नन्ही जिंदगी।







