इंदौर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज़ कहानी सामने आई है। खजराना थाना पुलिस ने उस चेहरे से नकाब उतार दिया है, जो पिछले 8 सालों से एक महिला की ज़िंदगी को ज़हर बना रहा था। आरोपी कोई बाहर का नहीं, बल्कि खून के रिश्ते में बंधा वही शख्स निकला, जिसने प्यार के नाम पर नफरत की हदें पार कर दीं।
इस पूरे मामले की शिकायत पीड़िता की मां ने खजराना थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद जब पुलिस ने अश्लील खतों की कड़ी से कड़ी जोड़ी, लिखावट की जांच की और पारिवारिक रिश्तों को खंगाला, तो सच सामने आते ही पुलिस भी सन्न रह गई।
जांच में खुलासा हुआ कि यह घिनौनी हरकत किसी अजनबी की नहीं, बल्कि पीड़िता की ही बुआ के बेटे की थी। बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी ही मामा की बेटी से एकतरफा प्रेम करता था। जब युवती ने अपनी ज़िंदगी का फैसला खुद लिया, शादी कहीं और तय हुई और फिर विवाह हो गया, तो आरोपी के भीतर बैठा जुनूनी आशिक दरिंदा बन गया।
इसके बाद शुरू हुआ बदले का वह खेल, जो पूरे आठ साल तक चला। आरोपी ने महिला की सामाजिक छवि मिट्टी में मिलाने के इरादे से कभी उसके मायके, तो कभी ससुराल अश्लील और आपत्तिजनक पत्र भेजे। मकसद साफ था—शक पैदा करो, रिश्ते तोड़ो और उसकी शादीशुदा ज़िंदगी तबाह कर दो।
हर खत के साथ पीड़िता और उसका परिवार डर, शर्म और मानसिक यातना में जीने को मजबूर रहा। लेकिन अब इस गंदी साजिश पर खजराना पुलिस ने फुलस्टॉप लगा दिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह गिरफ्तारी सिर्फ एक आरोपी की नहीं, बल्कि उन दरिंदे सोच वालों के लिए चेतावनी है, जो रिश्तों की मर्यादा भूलकर महिलाओं की ज़िंदगी से खिलवाड़ करने की हिम्मत करते हैं। खजराना पुलिस की कार्रवाई ने साफ कर दिया है—अब ऐसी हरकतों की कोई जगह नहीं, न समाज में और न कानून की नज़र में।







