प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर लहराता खौफ, एक हफ्ते में तीसरा बड़ा हादसा
छिंदवाड़ा। सोमवार की शाम गुरैया बायपास पर एक पल में सब कुछ बदल गया। बाइक पर सवार 24 वर्षीय राहुल, जो अपने पिता को लेने घर से निकला था, उसे क्या पता था कि हवा में लहराती एक अदृश्य डोर उसकी जिंदगी और मौत के बीच की रेखा बन जाएगी।
जैसे ही राहुल बायपास पर पहुंचा, अचानक चाइनीज मांझा उसकी गर्दन में लिपट गया। तेज रफ्तार में नायलॉन की यह धारदार डोर गले को चीरती चली गई। दर्द और झटके से वह बाइक संभाल नहीं पाया और सड़क पर गिर पड़ा। राहगीरों ने जब उसे लहूलुहान हालत में देखा, तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
राहुल को तुरंत क्लेरिस हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टर मनन गोगिया के अनुसार युवक की हालत बेहद गंभीर है। गला गहराई तक कट चुका है, खून का थक्का जम गया है और गिरने से कंधे की हड्डी व एक पसली टूट गई है। देर रात ऑपरेशन की तैयारी की गई, जिसमें करीब 15 टांके आने की संभावना है। अंदरूनी चोटों के चलते राहुल को लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
यह कोई पहला मामला नहीं है। महज एक सप्ताह पहले 2 जनवरी को बेनटेक्स ज्वेलरी बेचने वाले रामगिरी गोस्वामी इसी चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए थे। उनका गला इतना बुरी तरह कटा कि आहार नली तक दिखाई देने लगी। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों को तीन अलग-अलग ऑपरेशन करने पड़े। गले में कुल 43 टांके लगे और तीन महीने के पूर्ण आराम की सलाह दी गई।
इतना ही नहीं, बीते दिनों इसी जानलेवा मांझे से एक मासूम बच्चे का कान तक कट गया।
देशभर में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा छिंदवाड़ा की सड़कों पर खुलेआम मौत बनकर लहरा रहा है। सवाल यह है कि अगला शिकार कौन होगा? और क्या प्रशासन किसी और जिंदगी के दांव पर लगने से पहले जागेगा?







