इंदौर शहर में एक ही दिन में तीन अलग-अलग इलाकों से महिलाओं की आत्महत्या के मामले सामने आने से सनसनी फैल गई है। इन घटनाओं में एक महिला डॉक्टर, एक विवाहिता और एक छात्रा शामिल हैं। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
खुड़ैल थाना क्षेत्र में 35 वर्षीय डॉ. दामिनी ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिजन उन्हें नेमावर रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दामिनी देवास जिले के कलवर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर कार्यरत थीं। मायके पक्ष ने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पति के किसी अन्य महिला से संबंध थे, जिससे आए दिन विवाद होता था। विरोध करने पर मारपीट भी की जाती थी। दंपति का एक 9 साल का बेटा भी है।
घरेलू विवाद और मानसिक तनाव बना वजह, विवाहिता और छात्रा ने भी उठाया खौफनाक कदम
दूसरी घटना राऊ थाना क्षेत्र के रंगवासा इलाके की है, जहां 30 वर्षीय ममता बाई ने पति से विवाद के बाद फांसी लगा ली थी। यह घटना 1 अप्रैल की रात की बताई जा रही है। गंभीर हालत में उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 15 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चांदी की पायल को लेकर पति से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। परिवार में उनके दो छोटे बच्चे और सास-ससुर हैं।
वहीं, तीसरी घटना भंवरकुआ इलाके में सामने आई, जहां छात्रा कशिश पंवार ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अभिनव नगर में अपने भाई के साथ रहकर बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। कशिश मूल रूप से धरमपुरी की रहने वाली थी। उसके पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में मंडला में पदस्थ हैं।
तीनों घटनाओं ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।







