मध्य प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। प्रदेश में ऐसे मामलों की सुनवाई को तेज करने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इन अदालतों का उद्देश्य परीक्षा संबंधी अपराधों की जल्द सुनवाई करना और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना है।
हाईकोर्ट ने यह कदम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस 2023 की धारा 8(3) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए उठाया है। इसके साथ ही राज्य के विधि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो लंबे समय से निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग कर रहे थे।
अब उम्मीद की जा रही है कि विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के जरिए जांच और सुनवाई दोनों में तेजी आएगी, दोषियों के खिलाफ जल्द फैसला होगा और भविष्य में परीक्षा माफियाओं पर भी कड़ी लगाम लगेगी। सरकार और न्यायपालिका का यह कदम प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।







