पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहा आंदोलन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके टाइफाइड की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आंदोलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा और सरकार पर दबाव कम नहीं होने दिया जाएगा।
इधर, दिल्ली पुलिस ने देर रात जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाई गई है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। इसकी वजह CJP की वह चेतावनी मानी जा रही है, जिसमें कहा गया था कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो 20 जुलाई जैसी बड़ी कार्रवाई दोबारा की जाएगी।
इस बीच, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार के साथ बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। उनका कहना है कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य जवाबदेही तय करना है और बिना इस्तीफे के कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।
आज दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की अहम बैठक होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में सरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अपना अंतिम रुख स्पष्ट कर सकती है। इस बैठक पर छात्रों, अभिभावकों और पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
गौरतलब है कि पिछली बैठक के बाद CJP ने दावा किया था कि सरकार आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के लिए सहमत हो गई है। हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी स्वीकार करेगी या फिर आंदोलन और तेज होगा। अब सभी की निगाहें आज की बैठक और उसके नतीजे पर टिकी हैं।







