मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले 48 घंटे से कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। कहीं सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण रास्ते बंद हो गए हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। शहर में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है और 24 घंटे के दौरान 7 इंच से ज्यादा पानी दर्ज किया गया। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर है कि एक हजार से ज्यादा घरों के आसपास करीब 5 फीट तक पानी भर गया। लगातार बारिश को देखते हुए स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
उधर राजस्थान में भी बारिश का असर बेहद तेज है। राज्य के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
अब बात हिमाचल प्रदेश की, जहां पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कुल्लू में NH-305 पर चलती गाड़ी के ऊपर अचानक मलबा और चट्टानें आ गिरीं। हादसे में गाड़ी सवार दो लोग घायल हो गए, जबकि वाहन मलबे के नीचे दब गया।
लगातार बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन समेत कुल 259 सड़कें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा 161 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 54 पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का असर पड़ा है।
यानी छह राज्यों में बारिश ने एक साथ मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि लोगों से अपील की जा रही है कि भारी बारिश और भूस्खलन वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें।







