देशभर में मानसून अब पूरी रफ्तार में है, लेकिन कई राज्यों के लिए यह राहत नहीं बल्कि बड़ी मुसीबत बन गया है। सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है, जहां लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
मुंबई और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। शहर में सैकड़ों पेड़ गिर चुके हैं, कई इलाकों में जलभराव है और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। एहतियात के तौर पर सभी सरकारी, निजी और नगर निगम के स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है, जबकि कई निजी कंपनियों ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे दी है।
बारिश का सबसे बड़ा असर मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर देखने को मिला, जहां करजत और लोनावला के बीच भोर घाट सेक्शन में दो स्थानों पर भूस्खलन होने से रेलवे की तीनों लाइनें प्रभावित हो गईं। सुरक्षा कारणों से करीब 20 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा। इसी तरह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी पहाड़ से मलबा गिरने के कारण यातायात रोकना पड़ा, जिससे लंबा जाम लग गया।
उधर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भी भारी बारिश के बाद भूस्खलन ने तबाही मचा दी। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आकर 6 से 7 वाहन दब गए। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। फिलहाल किसी बड़े जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में प्रशासन की सलाह का पालन करें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और बिना जरूरी कारण यात्रा करने से बचें। फिलहाल देश के कई हिस्सों में मानसून की यह रफ्तार लोगों के लिए राहत से ज्यादा चुनौती बनती नजर आ रही है।







