देशभर में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से बिहार तक बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे ज्यादा तबाही जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में देखने को मिली, जहां देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक फ्लैश फ्लड आ गई।
राजौरी के बेला इलाके में धारहाल नदी उफान पर आ गई, जिससे न्यू बस स्टैंड पानी में डूब गया। तेज बहाव में करीब 200 से 250 गाड़ियां बह गईं। वहीं पुंछ जिले में भारी बारिश ने दर्दनाक मंजर पैदा कर दिया। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
उधर, उत्तराखंड में भी मौसम ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड होने के बाद प्रशासन ने एहतियातन घोड़े-खच्चरों की सेवाएं रोक दी हैं। इसके साथ ही कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकला यात्रियों का एक जत्था भी सुरक्षित स्थान पर रोक दिया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
मौसम विभाग ने रविवार के लिए उत्तराखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश समेत 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और सभी की निगाहें मौसम के अगले अपडेट पर टिकी हुई हैं।







