मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक के साथ ही तबाही की तस्वीरें भी दिखानी शुरू कर दी हैं। तेज बारिश, आकाशीय बिजली और उफनाते नदी-नालों ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
हरदा जिले में खेत पर काम कर रहे 32 वर्षीय किसान प्रदीप राठौर की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं खरगोन जिले में भी बिजली की चपेट में आने से राधेश्याम और केनू की जान चली गई। बैतूल के चुना गोसाई गांव में बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका उपचार जारी है।
बारिश का सबसे दर्दनाक मंजर बैतूल के चिचोली क्षेत्र में देखने को मिला। चंपा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। रपटे को पार करते समय दो युवक बाइक समेत तेज बहाव में बह गए। काफी तलाश के बाद मंगलवार सुबह दोनों के शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिले।
देवास में तेज बारिश के दौरान दो युवतियां स्कूटी सहित नाले में जा गिरीं, लेकिन स्थानीय लोगों की सूझबूझ और तत्परता से दोनों की जान बचा ली गई। वहीं सतना, मैहर, सीहोर और डिंडोरी में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीहोर के इछावर में जलभराव से नाराज़ लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। स्थानीय समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। दूसरी ओर, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं तथा खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
फिलहाल मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।







