देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जांच में दावा किया गया है कि परीक्षा माफिया ने हाईटेक तरीके से बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम में सेंध लगाकर री-NEET परीक्षा में सॉल्वर बैठाने की साजिश रची।
जानकारी के मुताबिक, परीक्षा माफिया ने करीब 200 युवकों को बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन का काम करने वाली कंपनी में नौकरी दिलवाई। बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों को बेहद कम वेतन पर रखा गया था और वे लगभग एक महीने तक कंपनी के अंदर रहकर पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली समझते रहे।
आरोप है कि परीक्षा वाले दिन असली अभ्यर्थी पहले सेंटर पर पहुंचकर अपना बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन कराता था। इसके बाद कंपनी के अंदर मौजूद नेटवर्क की मदद से असली अभ्यर्थी बाहर निकल जाता और उसकी जगह पहले से तैयार सॉल्वर परीक्षा हॉल में प्रवेश कर परीक्षा देता था। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे शुरुआती स्तर पर किसी को शक नहीं हुआ।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल नकल का मामला नहीं, बल्कि परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला संगठित नेटवर्क हो सकता है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित साजिश में किन-किन लोगों की भूमिका रही, कंपनी के भीतर किस स्तर तक मिलीभगत थी और कितने अभ्यर्थियों को इसका फायदा पहुंचाया गया।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, बायोमीट्रिक डेटा तथा संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह हाल के वर्षों में परीक्षा प्रणाली से जुड़ी सबसे बड़ी सुरक्षा चूक में से एक माना जा सकता है।
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