मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक सड़क हादसे ने एक होनहार छात्र की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। 8 जुलाई 2018 को 18 वर्षीय वैभव त्रिवेदी, जो देपालपुर से इंदौर की ओर बाइक से जा रहा था, एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गया। बताया जाता है कि ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था और उसने युवक को जोरदार टक्कर मार दी।
इस हादसे में वैभव के सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह करीब डेढ़ महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। लेकिन इस दुर्घटना ने सिर्फ उसके शरीर को ही नहीं, बल्कि उसके सपनों और पहचान को भी गहरा आघात पहुंचाया।
हादसे के बाद से वैभव की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। सिर में आई चोटों के कारण उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया और अब वह किसी को पहचानने की स्थिति में नहीं है। पिछले आठ वर्षों से वह पूरी तरह बिस्तर पर है और अपनी हर जरूरत के लिए परिवार पर निर्भर है।
इस मामले में अदालत ने ट्रक की बीमा कंपनी को पीड़ित को 59 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। ब्याज सहित यह राशि करीब 85 लाख रुपए तक पहुंच गई है, जिसे कंपनी को अदा करना होगा।
वैभव न केवल एक छात्र था, बल्कि एक प्रतिभाशाली बांसुरी वादक भी था। उसके संगीत से जुड़े सपने इस हादसे में बिखर गए। यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि एक लापरवाही किसी की पूरी जिंदगी को किस तरह बदल सकती है।







