इंदौर शहर में शादी के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की आड़ में हो रहे अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने खुद को दुल्हन बताकर युवक और उसके परिवार का विश्वास जीता, लेकिन यह रिश्ता एक सोची-समझी साजिश निकला। महिला ने फर्जी वैवाहिक पंचनामा तैयार करवाकर शादी का भ्रम पैदा किया और धीरे-धीरे घर से लाखों के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गई।
पीड़ित युवक के अनुसार, सागर निवासी महिला ने 19 नवंबर 2019 को उसे शादी के बहाने सागर बुलाया। वहां पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह कराने के बजाय कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और उसे ही शादी का रूप दे दिया गया। इसके बाद महिला इंदौर आकर युवक के साथ रहने लगी और विश्वास का फायदा उठाकर धीरे-धीरे कीमती सामान अपने कब्जे में लेती रही।
मामले में नया मोड़ तब आया जब जिला कोर्ट इंदौर ने इस गंभीर धोखाधड़ी को संज्ञान में लेते हुए पुलिस थाना एमआईजी से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) तलब की है। हाईकोर्ट अधिवक्ता कृष्ण कुमार कुन्हारे के मुताबिक, पीड़ित ने बताया कि महिला ने कभी भी पारंपरिक शादी की रस्में पूरी नहीं कीं और हर बार बहाने बनाकर टालती रही।
करीब 9 महीने तक साथ रहने के बाद, 15 अगस्त 2020 को महिला अपने पिता के साथ सागर जाने का कहकर निकली और फिर कभी वापस नहीं लौटी। बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि महिला अपने साथ चांदी और सोने के जेवर, करीब 70 हजार रुपए नकद और एफडी के नाम पर लिए गए 40 हजार रुपए लेकर फरार हो गई।
अब कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, वहीं यह मामला शादी के नाम पर हो रही ठगी के नए तरीकों को उजागर करता है।







