इंदौर से उठी एक ऐसी साजिश की परतें खुल रही हैं, जिसने भोपाल से लेकर दिल्ली तक कई रसूखदारों की नींद उड़ा दी है। 2019 के चर्चित हनी ट्रैप कांड की यादें फिर ताजा हो गई हैं, लेकिन इस बार मामला और ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। गिरफ्तार श्वेता विजय जैन, रेशू चौधरी और अलका दीक्षित से पूछताछ में ऐसे नाम और राज सामने आ रहे हैं, जिनसे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ है कि रेशू चौधरी के मोबाइल और डिजिटल डिवाइस में 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इन वीडियो में कई नेता, अफसर और कारोबारी बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन्हीं वीडियो के दम पर करोड़ों रुपए की वसूली की गई और कई बड़े लोगों को ब्लैकमेल किया जाता रहा। पुलिस को शक है कि कुछ वीडियो बेचने की तैयारी भी चल रही थी।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए धमाकेदार खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जब रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी को भोपाल और सागर लेकर पहुंची, तब उसके घर से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और पुरानी ऑडियो रिकॉर्डिंग्स जब्त की गईं। इन रिकॉर्डिंग्स में कथित तौर पर कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
एक ऑडियो रिकॉर्डिंग ने तो जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी। इसमें रेशू कथित रूप से एक स्थानीय नेता के रिश्तेदार को धमकाते हुए सुनाई दे रही है। वह कहती है कि अगर उसने “मुंह खोल दिया”, तो कई नेताओं का राजनीतिक भविष्य खत्म हो जाएगा। यही वजह है कि अब इस मामले की गूंज सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि छत्तीसगढ़, गुजरात और दिल्ली तक पहुंच चुकी है।







