इंदौर: निपानिया इलाके की तंग गलियों में आज सुबह से ही भगवा रंग छाया रहा। सफेद कुर्ते और भगवा दुपट्टे में सजी महिलाओं ने जुंबा किया, लेकिन इस बार फिल्मी धुनों की जगह भजनों की मधुर गूंज ने माहौल को और भी धार्मिक और भावपूर्ण बना दिया।
विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर बस्तियों में आयोजित ये कार्यक्रम लोगों के लिए एक अनोखा अनुभव बन गया। यहाँ न केवल परंपरा और संस्कृति की झलक देखने को मिली, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी प्रत्यक्ष रूप से लोगों तक पहुंचा।
आज इंदौर की 286 बस्तियों में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष आयोजन में लोगों को धार्मिक गीतों, भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम केवल धार्मिक भावनाओं को जगाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं।
इंदौर की गलियों में गूंजते भगवा झंडों और भजनों की मधुर ध्वनि ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया है।







