प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अचानक पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। शहर में ईंधन की कमी की अफवाह फैलते ही लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए घरों से निकल पड़े। हालात ऐसे बने कि कई पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अव्यवस्था का माहौल बन गया।
स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधि तुरंत सक्रिय हुए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी और स्पष्ट किया कि शहर में ईंधन की कोई कमी नहीं है। प्रशासन ने बार-बार अपील की कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंदौर में पेट्रोल-डीजल की कमी होना लगभग असंभव है, क्योंकि यहां ईंधन की आपूर्ति सीधे पाइपलाइन के माध्यम से होती है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा 1998 में मुंबई से मनमाड़ तक 255 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई थी। बाद में 2003 में इसे 358 किलोमीटर बढ़ाकर मांगलिया (इंदौर) तक विस्तारित किया गया, जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर भारत की ईंधन जरूरतें पूरी की जा सकें।
इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह वासु ने बताया कि वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने कहा कि पंपों पर लगी भीड़ केवल पैनिक बाइंग का परिणाम है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें और अनावश्यक रूप से ईंधन संग्रह न करें। पैनिक बाइंग से न केवल व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि अनावश्यक तनाव और भ्रम की स्थिति भी पैदा होती है।







