भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर। नर्मदापुरम संभाग से आए करीब दो हजार किसान राजधानी की सड़कों पर पूरी रात डटे रहे। मूंग खरीदी, ई-टोकन सिस्टम में सुधार और अन्य लंबित मांगों को लेकर किसान मंगलवार को भोपाल पहुंचे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें एम्प्री के पास ही रोक दिया। इसके बाद किसानों ने सड़क पर ही रात बिताई और बुधवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का ऐलान कर दिया।
किसान नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास के सामने शांतिपूर्ण धरना देंगे और जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वापस नहीं लौटेंगे। किसानों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, इसलिए अब राजधानी में आंदोलन ही आखिरी विकल्प बचा है।
दूसरी ओर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वीर सावरकर सेतु से पहले भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
आंदोलन का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार देर रात तक होशंगाबाद रोड, एम्स चौराहा, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स इलाके में लंबा जाम लगा रहा। कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है, ताकि बच्चों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि किसानों और सरकार के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और तेज होता है। यदि किसान मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ते हैं, तो राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल भोपाल में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।







