कैमरे के सामने सांपों को बचाने वाला चेहरा, जंगल और इंसान के बीच सेतु बनने का दावा… लेकिन पर्दे के पीछे एक ऐसी कहानी, जिसने सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे तक हलचल मचा दी है।
महाराष्ट्र के रहने वाले मशहूर यूट्यूबर और स्नेक रेस्क्यूअर आकाश जाधव अब एक बड़े ड्रग्स केस को लेकर सुर्खियों में हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने दावा किया है कि आकाश जाधव समेत 9 लोगों को करीब ढाई करोड़ रुपए के गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गांजा ओडिशा से खरीदा गया था और महाराष्ट्र में सप्लाई किया जाना था। जांच एजेंसियों का कहना है कि आकाश इस नेटवर्क में अहम कड़ी था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन वीडियोज़ ने आकाश को यूट्यूब पर 56 लाख फॉलोअर्स दिलाए—स्नेक रेस्क्यू, जंगल, वन्यजीव संरक्षण—उन्हें पुलिस कथित तौर पर उसका “साइड बिजनेस” बता रही है। यानी एक तरफ समाजसेवा की छवि, दूसरी तरफ नशे के अवैध कारोबार का आरोप।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और आकाश जाधव पर लगे सभी आरोप पुलिस के दावे हैं। सच क्या है—सांपों को बचाने वाला ही कानून के शिकंजे में कैसे आया इसका जवाब आने वाले दिनों में जांच और अदालत तय करेगी।
लेकिन एक सवाल जरूर रह गया है:
क्या सोशल मीडिया की चमक के पीछे सच हमेशा वैसा ही होता है, जैसा दिखाई देता है?







