बिहार के लखीसराय से सावन के सोमवार पर एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन मंदिर जाने वाले रास्ते पर अचानक भगदड़ मच गई। इस हादसे में अब तक 7 महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 23 से ज्यादा श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। इनमें 3 की हालत नाजुक है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब पुरुषों की लाइन की तरफ एक खंभा गिर गया। इसके बाद भीड़ में यह अफवाह फैल गई कि लोगों के ऊपर बिजली की चालू लाइन का तार गिर गया है। जबकि प्रशासन के अनुसार वह बिजली का तार नहीं, बल्कि डिश या इंटरनेट का केबल वायर था।
अफवाह फैलते ही श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। पुरुषों की तरफ से भीड़ का दबाव महिलाओं की लाइन की ओर बढ़ा और देखते ही देखते कई महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं। इसी दौरान कुचलने से कई लोगों की जान चली गई।
हादसे में मृत 7 महिलाओं में से चार की पहचान हो चुकी है। इनमें लखीसराय की मधुबाला देवी, मनमाला देवी और हेमलता देवी के अलावा मुंगेर की रिंकू देवी शामिल हैं।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, अफवाह और भीड़ के दबाव ने सावन के इस पवित्र दिन को मातम में बदल दिया। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती घायलों का बेहतर इलाज और घटना की पूरी जांच कर हादसे की असली वजह सामने लाना है।







