राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र का दोलाज गांव रविवार सुबह अचानक सनसनी से भर गया। गांव के एक कुएं में 45 वर्षीय महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लेकिन यह सिर्फ एक हादसा नहीं लग रहा… क्योंकि लाश के पास पड़े सबूत और बेटी के आरोप इस कहानी को सीधा सवालों के कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, जब सुबह लोग कुएं के पास पहुंचे तो वहां एक साड़ी और जूते पड़े हुए दिखाई दिए। पहले तो लोगों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन शक होने पर जब उन्होंने कुएं में झांककर देखा तो अंदर महिला का शव तैरता हुआ नजर आया। यह नजारा देखते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई।
गुस्से और हैरानी के बीच ग्रामीणों ने तुरंत कुएं से शव बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए खिलचीपुर अस्पताल भेज दिया गया। लेकिन असली तूफान तब आया जब अस्पताल की मॉर्चुरी के बाहर महिला की बेटी गायत्री पहुंची।
मां की लाश देखते ही गायत्री खुद को संभाल नहीं पाई। वह मां के शव से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगी। लेकिन उसके आंसुओं के साथ गुस्सा भी फूट पड़ा। उसने रोते-रोते सीधे अपने ही पिता, दादा और दादी पर गंभीर आरोप लगा दिए। गायत्री का कहना था कि उसकी मां की मौत कोई हादसा नहीं है… बल्कि उसे मारकर कुएं में फेंका गया है।
अब सवाल यह है कि अगर यह सच है, तो आखिर एक महिला की जिंदगी इतनी सस्ती क्यों समझी गई? और अगर यह सिर्फ आरोप है, तो सच आखिर है क्या? फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। लेकिन गांव में एक ही सवाल गूंज रहा है यह मौत है या हत्या…? सच चाहे जो भी हो, लेकिन दोलाज गांव का यह कुआं अब सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि एक रहस्य और आरोपों की गहराई का गवाह बन चुका है।







