दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को नामांकन पत्र खरीद लिया है। हालांकि नामांकन फॉर्म खरीदना चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जाता, लेकिन इस कदम के बाद उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित कुल चार लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे। इनमें छतरपुर के बालकिशन विश्वकर्मा, दमोह के वेदराम कुर्मी और हंशमुखी लोधी भी शामिल हैं। अब तक तीन दिनों में कुल 9 उम्मीदवार नामांकन फॉर्म ले चुके हैं, जिससे चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा द्वारा नामांकन पत्र खरीदने को राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा उन्हें मैदान में उतारती है तो दतिया का मुकाबला बेहद रोचक और प्रतिष्ठा का चुनाव बन सकता है।
दूसरी ओर कांग्रेस भी उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन में जुटी हुई है। दोनों दलों के फैसले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में टिकटों की घोषणा के साथ दतिया उपचुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
फिलहाल इतना तय है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नामांकन फॉर्म खरीदने के बाद दतिया की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है और अब सभी की निगाहें भाजपा के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। आने वाले कुछ दिन इस उपचुनाव की दिशा और मुकाबले की तस्वीर तय करेंगे।







