कटनी आज कानून के गलियारों से निकलकर सड़क पर आ गया। एक अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने से भड़के वकीलों का गुस्सा आखिरकार फट पड़ा। जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर मुख्य मार्ग पर काली कोट पहने अधिवक्ताओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
कोर्ट की कार्यवाही खत्म होते ही वकील एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। नारे, चेतावनी और आक्रोश पूरा माहौल गरमा गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि उनके साथी के खिलाफ दर्ज मामला एकतरफा और अनुचित है। पहले उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से शिकायत की। न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक को तलब भी किया, लेकिन जब पुलिस अधीक्षक मौके पर नहीं पहुंचे तो गुस्सा और भड़क गया।
“क्या कानून सिर्फ कागजों में है?” यह सवाल आज सड़क पर गूंजता रहा।
पुलिस प्रशासन की चुप्पी पर वकीलों ने तीखा हमला बोला। उनका कहना है कि अगर न्याय के मंदिर में बैठे लोगों की बात भी नहीं सुनी जाएगी, तो आम जनता किससे उम्मीद करे? प्रदर्शन के दौरान कई अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अगर मामला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा।
कटनी की सड़कों पर फिलहाल तनावपूर्ण शांति है, लेकिन सवाल अब भी हवा में तैर रहा है क्या प्रशासन इस उबाल को संभाल पाएगा या टकराव और तेज होगा?
मौके पर वकीलों का प्रदर्शन जारी है, और शहर की नजरें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।







