महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका देते हुए पार्टी के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत का रास्ता चुन लिया है। सूत्रों के मुताबिक इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजकर शिंदे गुट की शिवसेना में विलय की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बागी सांसदों पर जमकर निशाना साधा और तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। राउत के बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि चार साल पहले एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायक शिवसेना से अलग हो गए थे, जिसके बाद उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी। अब सांसदों की इस नई बगावत ने एक बार फिर ठाकरे खेमे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ शुरुआत है या आने वाले दिनों में शिवसेना (यूबीटी) को और बड़े झटके लग सकते हैं?







