भोपाल से सामने आए दो पारिवारिक विवादों ने रिश्तों और भरोसे पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला आयोग की जनसुनवाई में ऐसे मामले पहुंचे, जिनमें पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। सबसे ज्यादा चर्चा उस मामले की हो रही है, जिसमें एक महिला के सरकारी अधिकारी बनने के बाद वैवाहिक जीवन में दरार आ गई।
जानकारी के अनुसार, टीसीपी विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के बाद महिला ने अपने पति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। शादी के करीब 20 साल बाद वह अपने बच्चे के साथ मायके चली गई और महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए तलाक की मांग कर दी। दूसरी ओर, पति जो कि एक सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर हैं, आयोग के सामने भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ ही रहना चाहते हैं। उनका कहना था कि जीवन के इस पड़ाव पर अलग होकर वह कहां जाएंगे और परिवार को टूटने से बचाना चाहते हैं।
इसी जनसुनवाई के दौरान एक और मामला सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का दूसरी महिला के साथ संबंध है और उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। वहीं पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पति पर अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देने, जबरन गर्भपात कराने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
महिला आयोग में इन दोनों मामलों की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बातें सुनी गईं। आयोग ने संबंधित पक्षों से आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। फिलहाल इन मामलों में किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच तथा सुनवाई के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
महिला आयोग में लगातार बढ़ते ऐसे पारिवारिक विवाद यह संकेत दे रहे हैं कि वैवाहिक रिश्तों में संवाद की कमी और आपसी अविश्वास गंभीर कानूनी विवादों का रूप ले रहे हैं। अब सभी की नजर आयोग की आगामी सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हुई है।







