संसद के मानसून सत्र का आज का दिन भारी हंगामे और तीखे राजनीतिक टकराव के नाम रहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई तथा कथित NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है और उनके सवालों का जवाब देने से सरकार बच रही है।
सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने इन मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट ही चल सकी, जिसके बाद स्पीकर ने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। राज्यसभा में भी लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही नहीं चल सकी और उसे भी स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और कथित पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। दूसरी ओर सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि विपक्ष केवल संसद की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले घंटों में संसद की कार्यवाही सामान्य हो पाएगी या फिर छात्रों के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होगा। संसद के भीतर शुरू हुई यह राजनीतिक जंग अब देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनती दिखाई दे रही है।







