पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के भीतर उठे बगावत के तूफान ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। महज चार दिनों के भीतर राज्यसभा के चार सांसदों के इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। ताजा घटनाक्रम में प्रकाश चिक बड़ाईक और कोयल मल्लिक ने राज्यसभा सदस्यता छोड़ दी, जबकि इससे पहले सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर भी पार्टी से किनारा कर चुके हैं।
इधर, पार्टी की बागी सांसद काकोली घोष ने दावा कर सनसनी फैला दी है कि टीएमसी के 20 लोकसभा सांसद और 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सांसद कल्याण बनर्जी भी खुलकर सामने आ गए। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर वरिष्ठ नेताओं का सम्मान न करने और अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कल्याण बनर्जी ने साफ कहा कि अब ममता बनर्जी को तय करना होगा कि वे उनके साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के।
लगातार इस्तीफों, बगावती सुरों और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों ने टीएमसी के भीतर बड़े राजनीतिक संकट के संकेत दे दिए हैं। आने वाले दिनों में यह असंतोष पार्टी की ताकत बनेगा या सबसे बड़ी चुनौती, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।







