मध्य पूर्व में तनाव अब खुले सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले कर हालात को और गंभीर बना दिया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक क्षेत्रों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जबकि कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम को तत्काल सक्रिय करना पड़ा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा है कि ईरान परमाणु समझौते से जुड़ी बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए उस पर दबाव बनाए रखना जरूरी है। ट्रम्प के अनुसार अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों के जरिए कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया।
वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने की बात कही है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तनाव को और बढ़ाते हुए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों के लिए बंद करने का दावा किया है। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार गुजरता है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच पूरी दुनिया की नजर अब खाड़ी क्षेत्र पर टिकी है। आशंका जताई जा रही है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।







