NEET परीक्षा से महज चार दिन पहले महाराष्ट्र के लातूर में हुई एक घटना अब देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अपने छात्रों के सामने दावा किया कि उन्हें सपने में भगवान विट्ठल ने एक ऐसा सवाल बताया है, जो NEET परीक्षा में जरूर पूछा जाएगा। छात्रों ने इसे आस्था और प्रेरणा की बात समझकर याद कर लिया, लेकिन जब 3 मई को हुई परीक्षा में वही सवाल सामने आया, तो इस दावे ने नया मोड़ ले लिया।
परीक्षा के बाद पेपर लीक की चर्चाएं तेज हुईं और मामला जांच एजेंसियों तक पहुंच गया। 8 मई को जांच CBI को सौंप दी गई। जांच के दौरान शिवराज मोटेगांवकर समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि केमिस्ट्री का पेपर परीक्षा से पहले ही लीक कर दिया गया था और इसकी जानकारी चुनिंदा लोगों तक पहुंचाई गई।
दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) लगातार यह दावा कर रही है कि NEET का कोई पेपर लीक नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर CBI की कार्रवाई और गिरफ्तारियों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तार 13 आरोपियों में से 9 महाराष्ट्र के बताए जा रहे हैं। अब पूरे देश की नजर इस हाई-प्रोफाइल जांच पर टिकी है कि आखिर सपने में मिला सवाल महज संयोग था या फिर इसके पीछे पेपर लीक का कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।







