मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों का TET उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अदालत ने कहा कि यह आदेश केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर के सभी इन-सर्विस शिक्षकों पर समान रूप से लागू होगा। जिन राज्यों में अब तक पुराने शिक्षकों को TET से छूट मिली हुई थी, वहां भी यह निर्णय प्रभावी माना जाएगा। हालांकि कोर्ट ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए परीक्षा पास करने की समय-सीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी है। अब शिक्षकों के पास 31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करने का अवसर रहेगा। इस फैसले को देश की शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।







