मुरैना के राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में जारी अवैध रेत खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर मध्यप्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए पूछा कि आखिर बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों से खुलेआम रेत का कारोबार कैसे चल रहा है, जबकि पहले ही सख्त आदेश दिए जा चुके हैं।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने साफ कहा कि अवैध खनन करने वालों ने रास्ते जरूर बदल लिए हैं, लेकिन कारोबार अब भी धड़ल्ले से जारी है। कोर्ट की इस टिप्पणी ने प्रशासनिक कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि अगर मीडिया रिपोर्ट सही है, तो मामला बेहद चौंकाने वाला है। अब इस पूरे मुद्दे पर सरकार को कोर्ट के सामने जवाब देना होगा कि आखिर चंबल क्षेत्र में रेत माफिया पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है।







