भोपाल के कोहेफिजा स्थित एमआईजी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आयोजित ‘इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन जलसा’ इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मुस्लिम समाज की एकता और भाईचारे को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। आयोजन स्थल पर लोगों के हाथों में तिरंगा दिखाई दिया, जिसने माहौल को देशभक्ति और एकजुटता के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम में परिवारों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। वहीं कुछ छोटे बच्चे फिलिस्तीन के झंडे वाली टी-शर्ट पहने नजर आए, जिनके पीछे अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर छपी हुई थी। इस दृश्य ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय संदर्भ से भी जोड़ दिया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।
ईरान के प्रतिनिधि ने भारत के इतिहास और संस्कृति की सराहना की
अयातुल्लाह खामेनेई के भारत ज्ञान का किया उल्लेख
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में अयातुल्लाह अली खामेनेई की भारत के प्रति गहरी रुचि का जिक्र किया। उनके अनुसार, खामेनेई ने भारत के इतिहास, संस्कृति और समाज को समझने के लिए 22 से अधिक पुस्तकों का अध्ययन किया है।
मौलाना इलाही ने बताया कि खामेनेई ने कई मौकों पर अपनी तकरीरों में भारत की सभ्यता, बौद्धिक परंपरा और सामाजिक संरचना की प्रशंसा की है। उनके इस दृष्टिकोण को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सकारात्मक रूप से लिया और इसे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक समझ का उदाहरण बताया।
यह जलसा न केवल धार्मिक एकता का संदेश दे रहा है, बल्कि सामाजिक और वैश्विक मुद्दों पर भी लोगों को सोचने के लिए प्रेरित कर रहा है।







