मध्य प्रदेश में पिछले 72 घंटों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। राजधानी भोपाल सहित इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत 42 से अधिक जिलों में मौसम का असर देखने को मिला है। कई जगहों पर तेज हवाओं की रफ्तार 70 से 74 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में यह सिस्टम और ज्यादा सक्रिय रह सकता है। रीवा और सिंगरौली सहित करीब 14 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की चेतावनी दी गई है।
लगातार हो रही ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों में गेहूं, केला, पपीता और संतरे की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
इसी बीच टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुहारा में शुक्रवार रात दर्दनाक हादसा हुआ। आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला और उसका भतीजा गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भतीजे की हालत गंभीर होने पर उसे झांसी रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।







