इंदौर/उज्जैन। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में जिला कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी लखन सिंह यादव (31) को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद 16 मार्च को सुनाए गए फैसले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया।
मामले के अनुसार, पीड़िता पेशे से नर्स है और इंदौर में किराए के मकान में रहती है। वर्ष 2021 में उसकी पहचान एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से आरोपी से हुई थी। शुरुआती बातचीत के बाद आरोपी ने खुद को गंभीर बताते हुए शादी का भरोसा दिलाया और कहा कि उसने अपने परिवार से भी बात कर ली है। आरोप है कि 14 फरवरी 2022 को आरोपी ने पीड़िता के घर पहुंचकर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाता रहा।
समय बीतने के साथ आरोपी का व्यवहार बदलने लगा। अप्रैल 2023 से उसने पीड़िता से दूरी बनानी शुरू कर दी और फोन भी बंद रखने लगा। संदेह होने पर जब पीड़िता उज्जैन स्थित उसके घर पहुंची, तो उसे पता चला कि आरोपी ने किसी अन्य युवती से विवाह कर लिया है। विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद 25 मई 2023 को पीड़िता ने इंदौर में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई। जांच और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने मुख्य आरोप में 10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही अन्य धाराओं में क्रमशः 5 वर्ष और 3 वर्ष की सजा भी सुनाई है। शासन की ओर से इस मामले में पैरवी एजीपी जयंत दुबे ने की। यह फैसला ऐसे मामलों में न्याय प्रणाली के सख्त रुख को दर्शाता है, जहां झूठे वादों के जरिए महिलाओं का शोषण किया जाता है।







