सैलाना-रतलाम की सड़कों पर धधकी लापरवाही, 30 लाख का तेल बना आग का ईंधन
रतलाम, अचानक कल्याण केदारेश्वर घाट पर आग का ऐसा तांडव, जिसने 1500 खाद्य तेल के डिब्बों को पल भर में राख बना दिया। गुरुवार-शुक्रवार देर रात सरवन मार्ग पर दौड़ता एक ट्रक अचानक चलते-चलते जलती चिता में बदल गया। वजह वही पुरानी शॉर्ट सर्किट। लेकिन सवाल नया है आखिर कब तक ऐसी लापरवाही सड़कों पर बारूद बनकर दौड़ती रहेगी? बताया जा रहा है कि ट्रक गुजरात के अहमदाबाद से रतलाम की कृष्णा ट्रेडिंग के लिए तेल लेकर आ रहा था। चालक रशीद, निवासी टैंकर रोड, के मुताबिक घाट क्षेत्र में पहुंचते ही चिंगारी उठी और देखते ही देखते आग ने डीजल टैंक को चपेट में ले लिया। फिर क्या था पूरा ट्रक धू-धू कर जल उठा। आग इतनी भीषण कि आसपास का इलाका दहशत से कांप गया।
दमकल की गाड़ियां सैलाना और रतलाम से दौड़ीं, घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। एहतियातन सरवन मार्ग बंद करना पड़ा। यातायात ठप, लोग परेशान और ट्रक में भरा 30 लाख रुपये का तेल धुएं में उड़ गया। कहने को यह ‘दुर्घटना’ है। लेकिन क्या यह सच में सिर्फ दुर्घटना है? या फिर वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का ज्वलंत सबूत? अगर चिंगारी पहले ही दिखी थी तो क्या इंतजाम थे? क्या जांच सिर्फ कागजों में सिमट जाएगी?
नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला और पुलिस बल मौके पर पहुंचे, राहत कार्य हुआ, आग बुझी… मगर सवाल अब भी धधक रहा है क्या अगली बार भी किसी ट्रक को यूं ही जलने के लिए छोड़ दिया जाएगा? यह आग सिर्फ तेल नहीं जला गई… यह सिस्टम की सुस्ती और सुरक्षा इंतजामों की पोल भी खोल गई।







