मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में अब सड़क पर चलना भी खतरे से खाली नहीं। तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में जो हुआ, उसने साफ कर दिया कि बदमाश अब खुलेआम फिल्मी स्क्रिप्ट लिख रहे हैं और आम लोग उनकी कहानी के मजबूर किरदार बनते जा रहे हैं।
संस्कृति पैराडाइज निवासी तनिष्क बैरागी मंगलवार रात अपनी कार से जा रहे थे। कैलोद पाटा के पास पीछे से आई एक कार ने जोरदार टक्कर मारी। हादसा लगा… लेकिन असल में वो जाल था। जैसे ही तनिष्क नीचे उतरे, दूसरी कार से तीन युवक उतरे और बिना किसी उकसावे के गाली-गलौज शुरू कर दी। इससे पहले कि वो कुछ समझ पाते, उन पर हमला बोल दिया गया।
विरोध किया तो जबरन कार MP07 ZZ 2649 में ठूंस दिया गया। सरेआम अपहरण… और आसपास खड़े लोग तमाशबीन! सवाल ये है क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें अब कानून का डर ही नहीं?
आरोपियों ने तनिष्क को करीब आधे घंटे तक बायपास रोड पर बंधक बनाकर घुमाया। कार के भीतर लगातार मारपीट… जान से मारने की धमकियां… और फिर शुरू हुई लूट। हाथ से सोने की अंगूठी उतरवाई, ब्रेसलेट छीना, घड़ी और महंगा चश्मा भी छीन लिया। यानी पहले हमला, फिर अपहरण, फिर लूट पूरी पटकथा पहले से लिखी हुई थी।
इतना सब करने के बाद बदमाशों ने मायाखेड़ी इलाके में युवक को फेंका और फरार हो गए। लेकिन इस बार पुलिस ने तेजी दिखाई। थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के मुताबिक नितेश और अर्जुन निवासी बाणगंगा, संजय और विजय निवासी चंदननगर तथा सुखविंदर निवासी बाणगंगा को हिरासत में ले लिया गया है। सभी पर अपहरण, मारपीट और लूट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अब बड़ा सवाल क्या ये सिर्फ पांच चेहरे हैं या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह? क्या सड़क हादसे की आड़ में लोगों को निशाना बनाने का ये नया ट्रेंड है? इंदौर को स्मार्ट सिटी कहा जाता है… लेकिन अगर सड़कों पर ही सुरक्षा गायब हो जाए, तो स्मार्ट सिटी का तमगा किस काम का?







