मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में बुधवार रात एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भय्यू लाला उर्फ वाहिद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना सीतामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम सुरजनी में हुई, जहां पुलिस दबिश देने पहुंची थी।
जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम को भय्यू लाला की लोकेशन मिलने के बाद गांव में छापा मारा गया। बताया जा रहा है कि पुलिस को देखते ही भय्यू लाला खुद को बचाने के लिए एक पलंग पेटी (दीवान) में छिप गया। कुछ समय बाद जब उसे बाहर निकाला गया तो उसकी हालत गंभीर थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दम घुटने से उसकी मौत होना बताया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
भय्यू लाला पर हत्या के प्रयास, डकैती, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित 19 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह ₹5,000 का इनामी बदमाश था और उसकी तलाश मध्य प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान और महाराष्ट्र पुलिस को भी थी। पुलिस रिकॉर्ड में वह लंबे समय से सक्रिय अपराधी माना जाता था।
25 लाख की मांग का आरोप, DVR ले जाने की बात से बढ़ा विवाद
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी 25 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। परिजनों का यह भी दावा है कि पुलिस घर से DVR ले जाने की बात कहकर गई है। इन आरोपों के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई विधि सम्मत थी और मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी। वहीं परिजन इसे संदिग्ध बता रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संभावित मजिस्ट्रियल जांच पर टिकी है, जो तय करेगी कि यह महज एक हादसा था या कहानी के पीछे कोई और सच्चाई छिपी है।







